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सीधा जवाब

भारत में दहेज़ लेना, देना और सिर्फ मांगना भी अपराध है। यह 1 जुलाई 1961 से लागू है।

कोई भी रकम कानूनी नहीं है। कोई छूट नहीं है। इसे "गिफ्ट" कहने से भी कुछ नहीं बदलता।

चार मुख्य कानून

धारा 3, दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम 1961

दहेज़ लेना या देना

कम से कम 5 साल की कैद, और 15,000 रुपये या दहेज़ के मूल्य, जो भी अधिक हो, का जुर्माना।

कम से कम 5 साल
धारा 4, दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम 1961

दहेज़ मांगना

6 महीने से 2 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक जुर्माना। पैसे का लेन-देन होना जरूरी नहीं। सिर्फ मांगना ही अपराध है।

6 महीने से 2 साल
धारा 85, भारतीय न्याय संहिता 2023

पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता

3 साल तक की कैद और जुर्माना। यह धारा 1 जुलाई 2024 से IPC की धारा 498A की जगह लागू हुई है। मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना भी इसमें शामिल है।

3 साल तक
धारा 80, भारतीय न्याय संहिता 2023

दहेज़ हत्या

7 साल से आजीवन कारावास। यदि शादी के 7 साल के भीतर महिला की असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु होती है और दहेज़ के लिए प्रताड़ना साबित होती है, तो कानून यह मानकर चलता है कि आरोपी ने ही मृत्यु कारित की।

7 साल से आजीवन

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अगर आपको दहेज़ के लिए परेशान किया जा रहा है

यह कानूनी सलाह नहीं है। यह पेज भारतीय कानून की सामान्य जानकारी देता है। आपके मामले के लिए वकील से सलाह लें। तुरंत खतरा हो तो पहले 112 पर कॉल करें। देखें कानूनी अस्वीकरण

स्रोत

आम सवाल

क्या भारत में दहेज़ लेना गैरकानूनी है?

हां। दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत भारत में दहेज़ लेना और देना अपराध है। धारा 3 के अनुसार कम से कम 5 साल की कैद और 15,000 रुपये या दहेज़ के मूल्य, जो भी अधिक हो, का जुर्माना है। धारा 4 के तहत केवल दहेज़ मांगना भी अपराध है, जिसकी सजा 6 महीने से 2 साल तक है।

दहेज़ मांगने पर क्या सजा है?

दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत केवल मांगने पर 6 महीने से 2 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके लिए पैसे का लेन-देन होना जरूरी नहीं है। सिर्फ मांगना ही अपराध पूरा कर देता है।

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