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क्या भारत में दहेज़ गैरकानूनी है?

हां। दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज़ लेना, देना और मांगना अपराध है। यह 1 जुलाई 1961 से लागू है। पूरी जानकारी यहां।

दहेज़ लेने पर कितनी सजा है?

धारा 3: कम से कम 5 साल और जुर्माना। धारा 4 (सिर्फ मांगना): 6 महीने से 2 साल। BNS 85 (क्रूरता): 3 साल तक। BNS 80 (दहेज़ हत्या): 7 साल से आजीवन

क्या बिना पैसे लिए भी केस बन सकता है?

हां। धारा 4 सिर्फ मांग को अपराध बनाती है। कुछ भी दिया जाना जरूरी नहीं।

BNS धारा 85 क्या है? यह 498A से कैसे अलग है?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 ने 1 जुलाई 2024 से IPC की धारा 498A की जगह ली। विषयवस्तु वही है, सिर्फ नंबर बदला है। उस तारीख से पहले दर्ज मुकदमे 498A के तहत ही चलते रहेंगे। विस्तार से पढ़ें।

शादी के कई साल बाद मांग हो तो?

वह भी दहेज़ ही है। धारा 2 में "विवाह के बाद कभी भी" शब्द हैं। कोई समय सीमा नहीं है।

क्या केस वापस लिया जा सकता है?

नहीं। दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम के अपराध गैर-शमनीय हैं। यह प्रावधान जानबूझकर रखा गया है, क्योंकि समझौते का दबाव लगभग हमेशा महिला पर ही डाला जाता है।

गहने और स्त्रीधन वापस मिल सकते हैं?

हां। स्त्रीधन महिला की अपनी संपत्ति है। धारा 6 के तहत उसे सौंपना अनिवार्य है, और ऐसा न करना अलग अपराध है। दहेज़ और स्त्रीधन का अंतर।

क्या इस साइट का कैलकुलेटर असली है?

नहीं। यह पूरी तरह व्यंग्य है। सारे आंकड़े काल्पनिक हैं। मकसद यह दिखाना है कि दहेज़ की सौदेबाजी कितनी बेतुकी है। कानूनी जवाब हमेशा शून्य है।

शिकायत कैसे करें?

181 पर कॉल करें, फिर किसी भी थाने में FIR दर्ज कराएं। पूरी प्रक्रिया यहां।

अगर आपको दहेज़ के लिए परेशान किया जा रहा है

यह कानूनी सलाह नहीं है। यह पेज भारतीय कानून की सामान्य जानकारी देता है। आपके मामले के लिए वकील से सलाह लें। तुरंत खतरा हो तो पहले 112 पर कॉल करें। देखें कानूनी अस्वीकरण

स्रोत

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